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हंस साधना

22 August

हंस साधना – – सो हं – श्वास को भीतर लेते समय सो का उच्चारण करें। श्वास को बाहर छोड़ते समय हं का उच्चारण करें। यह हंस साधना का तात्पय है, जो परमात्मा है, वह मैं हूँ। – मैं वही हूँ यह जगत मेरी कल्पना मात्र है। – यह अजपा जाप है। यह सिद्धों की [...]

उपनिषद ऋषियों का वचन

22 August

उपनिषद ऋषियों का वचन है – आहार शुद्धि से प्राणों के सत की शुद्धि होती है, सत्व शुद्धि से स्मृति निर्मल और स्थिरमति (जिसे प्रज्ञा कहते हैं) प्राप्त होती है, स्थिर बुद्धि से जन्म-जन्मान्तर के बन्धनों और ग्रन्थियों का नाश होता है और बन्धनों और ग्रन्थियों से मुक्ति ही मोक्ष है और बन्धनों और ग्रन्थियों [...]

साधना की पूर्व तैयारी

22 August

साधना की पूर्व तैयारी साधक कैसे स्थान पर ध्यान करें? वह कैसे वस्त्र पहने? भोजन क्या करे? किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखे ? ध्यान साधक का नियमित अभ्यास के लिए एक एकान्त कक्ष हो। जिसमें हल्के गुलाबी या हल्के नीले रंग का कक्ष हो। शोरगुल से दूर तथा प्रदूषण व विकिरण त्ंकपंजपवद फैलाने वाले [...]

Dhyaan ध्यान

22 August

ध्यान  आधुनिक समाज में व्यस्ततम् व्यक्ति ध्यान क्यों करें ? कैसे करे ? और कब करे ? यही जानना चाहता है! ध्यान का उपयोग गया है ? क्या ध्यान विचार शून्यता को उपलब्ध कराता है या मात्र एक बौद्धिक कौतूहल बनकर रह जाता है। अथवा अशान्त मन को शान्त करने का उपाय मात्र है। यह [...]

Astrology

23 July

Jyotish ज्योतिष ज्योतिष वेदांग है, उपवेद है। परम्परा में ज्योतिष के अन्तर्गत काल तत्व का अध्ययन किया जाता है जिसका मूल कारण जगत में होने वाले सभी परिवर्तन काल सापेक्ष है अतः परिवर्तमन को जानने के लिए काल (समय) को मुख्य आधार माना जाता है। संसार में होने वाली घटना किसी न किसी समय में होती [...]